Matlabi rishte dhoka shayari

35+ Shocking Matlabi Rishte Dhoka Shayari You Must Read in 2025

The intricate dynamics of relationships often unveil the bitter truth of betrayal disguised as trust. Matlabi rishte dhoka shayari serves as a mirror reflecting the painful realities faced by many individuals grappling with deceit from those they consider close. 

This article presents over 35 striking examples of matlabi rishtedar shayari, offering insight into the emotional turmoil associated with रिश्ते में धोखा. Engaging with this झूठे मतलबी रिश्ते शायरी will not only resonate with readers but also empower them to confront and express their feelings candidly.

Matlabi Rishte Dhoka Shayari

Selfish Matlabi Rishte Quotes

मतलबी लोग बातें बड़ी करते हैं,
पर वक़्त आने पर चेहरे बदल लेते हैं।

रिश्तों की भीड़ में अकेला कर गए,
जो अपने थे वही धोखा कर गए।

मतलब के लिए पास आते हैं लोग,
दिल देने पर ही तोड़ जाते हैं लोग।

चेहरे पर मुस्कान, दिल में नफ़रत,
यही है मतलबी रिश्तों की हकीकत।

रिश्तों का क्या भरोसा इस ज़माने में,
आज अपने हैं, कल बेगाने में।

मतलबी रिश्ते वक्त के साथ बदल जाते हैं,
सच्चे दिल वाले ही सबसे ज्यादा रो जाते हैं।

धोखा देने में भी माहिर हैं ये लोग,
अपने बनकर ही ज़ख्म देते हैं लोग।

जब ज़रूरत खत्म, रिश्ता भी खत्म,
यही है मतलबी दुनिया का सनम।

हमने तो दिल से निभाया हर रिश्ता,
पर लोगों ने मतलब से लगाया हिसाब-किताब।

साथ चलने का वादा दूसरे थे,
धोखा देने का इरादा कुछ और ही थे।

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Selfish Matlabi Rishte Quotes

मक़सद पूरा होते ही चेहरे बदल जाते हैं,
मतलबी रिश्ते बस ज़रूरत पड़ने तक साथ निभाते हैं।

जो साथ होने का दावा करते थे सदा,
वहीं लोग तकलीफ़ में सबसे पहले मुंह मोड़ जाते हैं।

रिश्तों में सच्चाई खोजता रहा मैं उम्रभर,
पर मतलबी लोगों ने बस अपने मतलब से याद किया।

दिल से निभाए थे हमने हर रिश्ता,
पर उन्होंने वही किया जो उनके काम आया।

मतलबी लोग साथ तो रहते हैं,
पर दिल से कभी साथ नहीं देते।

किसी को अपना समझ कर सब दे दिया,
पर उसने मुझे सिर्फ जरूरत के वक़्त ही याद किया।

रिश्तों में भरोसा दिल से होना चाहिए,
वरना मतलबी लोग तो हर दिन नया मुखौटा पहन लेते हैं।

जो लोग मीठा बोलकर दिल जीत लेते हैं,
अक्सर वही वक्त आने पर सबसे ज्यादा चोट देते हैं।

सच्चे रिश्ते आज भी मिलते हैं,
बस मतलबी लोग उन्हें पहचानने नहीं देते।

हमने तो हर रिश्ते को इमानदारी से निभाया,
पर लौटकर मिला बस मतलब और तिरस्कार।

Matlabi Rishtedar Shayari

Matlabi Rishtedar Shayari

मतलबी रिश्तेदारों की दुनिया अजीब होती है,
काम पड़े तो पास आते हैं, वरना नसीब होती है।

रिश्ते निभाने की बातें सब करते हैं यहाँ,
पर मतलब निकलते ही चेहरे बदलते हैं जहाँ।

जो अपने थे, वही आज गैरों सा व्यवहार करते हैं,
मतलब के लिए आते हैं, फिर दूरियाँ तैयार करते हैं।

दिल से बुलाओ तो लाख बहाने बनाते हैं,
काम पड़ जाए तो दरवाज़े तोड़कर चले आते हैं।

मतलबी रिश्तों की आदत यही तो बताती है,
ज़रूरत खत्म होते ही दुनिया बदल जाती है।

किसी ने कहा था रिश्ते दिल से निभते हैं,
पर यहाँ लोग मतलब से ही मिलते हैं।

जिन्हें अपना समझा, वही सबसे ज़्यादा दर्द देते हैं,
चेहरे पर मिठास, मगर दिल में छल रखते हैं।

मतलबी रिश्तेदारों की फितरत ही अलग होती है,
साथ बस वही देते हैं, जहाँ उनकी जरूरत होती है।

कभी सच्चाई से हमने रिश्ते निभाए थे,
पर उन्होंने मतलब से ही हमें अपनाए थे।

आज समझ आया, हर अपना अपना नहीं होता,
मतलब निकल जाए तो कोई साथ नहीं होता।

Best Matlabi Rishte Dhokebaaz Shayari

मतलबी रिश्तों की भीड़ में दिल का सुकून खो जाता है,
जो अपने लगते हैं वही अक्सर दर्द दे जाते हैं।

झूठे वादों से भरे ये रिश्ते अब समझ आने लगे,
हर मुस्कान के पीछे छिपे चेहरे पहचान आने लगे।

कुछ रिश्ते साथ तो रहते हैं मगर दिल से दूर,
ज़रूरत खत्म होते ही बदल जाता है उनका सूर।

मतलबी लोग यूँ ही नहीं दिल तोड़ जाते,
उनके चेहरे पर मासूमियत और दिल में छल पाए जाते।

रिश्तों की गर्माहट अब मुश्किल से मिलती है,
आजकल हर अपना मतलब देखकर ही मिलता है।

धोखे की आदत उन रिश्तों को पड़ गई है,
जो हर पल साथ होने का सिर्फ दिखावा करते हैं।

दिल से निभाए थे जिन्हें, वही सबसे पहले बदल गए,
मतलब पूरा होते ही सारे चेहरे अलग नजर आने लगे।

अक्सर अपने ही चेहरे पर सबसे बड़ा मुखौटा पहनते हैं,
जो सामने से हंसते और पीछे से जख्म देते हैं।

इन नकली रिश्तों से अब कोई उम्मीद नहीं बाकी,
हर बात में छिपी चालाकी दिल को कर देती है छलाकी।

मतलब के लिए जुड़े रिश्ते कभी सच्चे नहीं होते,
जो दिल से दूर हों, वो साथ होकर भी अपने नहीं होते।

Conclusion

The poignant expressions found in our matlabi rishte dhoka shayari serve as a wake-up call to anyone who has encountered the darkness of betrayal. With the insights offered by our झूठे मतलबी रिश्ते शायरी, you can immerse yourself in the raw realities of broken trust.

It’s essential to recognize that रिश्ते में धोखा is not just a passing experience, but a chance for growth and self-awareness. The heartfelt words in matlabi rishtedar shayari can resonate deeply, providing solace to those who have suffered from deceitful relationships.

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